अखिलेश- समाज को बांटने की राजनीति करती है बीजेपी

By - May 10, 2018 09:01 AM
अखिलेश- समाज को बांटने की राजनीति करती है बीजेपी

लखनऊ: सपा के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर इतिहास की गलत व्याख्या कर समाज को बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया है। यादव पार्टी मुख्यालय पर आयोजित महाराणा प्रताप जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में राजनीतिक स्थितियां बदल रही हैं लेकिन भाजपा जैसी नफरत फैलाने वाली सभी ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है। ऐसी ताकतों का मुकबला समाजवादी जोखिम उठाकर भी करेंगे, क्योंकि यह लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि समाजवादी इतिहास को जोड़ने की नकार से देखते हैं जबकि भाजपा समाज को तोड़ने की राजनीति करती है। हम संविधान और लोकतंत्र, समाजवाद तथा सेक्यूलरिज्म के लिए प्रतिबद्ध हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि लगभग 500 वर्ष पूर्व हल्दी घाटी का युद्ध हिन्दू मुस्लिम की लड़ाई नहीं थी। यह राज्यों की परस्पर प्रतिस्पर्धा, आधिपत्य के विस्तार तथा अपने स्वाभिमान की रक्षा का युद्ध था। इस लड़ाई में जहां अकबर का सेनापति मान सिंह हिंदू था वहीं महाराणा प्रताप का सेनापति सरदार हाकिम खान मुस्लिम था। सपा अध्यक्ष ने कहा कि महाराणा प्रताप जयंती के इस आयोजन से भाजपा में ज्यादा हलचल होगी। भाजपा जितना रोकेगी हम उतना ही महापुरूषों का सम्मान करेंगे। महाराणा प्रताप आदर्श वीर पुरूष थे।

वे स्वाभिमान की लड़ाई लड़े। महापुरूषों के समय के इस सछ्वाव की आज समाज को बहुत जरूरत है। उन्होने कहा भाजपा सरकार ने उनकी जयंती पर अवकाश रद्द कर दिया है, समाजवादी सरकार बनने पर फिर अवकाश घोषित होगा। क्षत्रिय समाज को पहले भी सम्मान दिया है और भविष्य में भी दिया जाएगा। यादव ने कहा कि हम सब भारत देश के लोग हैं। देश को बनाने में हमारे पूर्वजों का बड़ा योगदान रहा है। हम देश तोड़ने और समाज को बांटने वाली ताकतों में टकराने की ताकत रखते हैं। राजनीति झूठे दावों और भ्रष्टाचार ने बिगाड़ दिया है। इसमें किसान, गरीब, अल्पसंख्यक महिलाऐं और नौजवान सब हाशिए पर डाले जा रहे। हमें इनके हितों की लड़ाई को अंतिम परिणति तक पहुंचाना होगा। सपा अध्यक्ष ने कहा कि भारत की धरती पर सर्वाधिक महापुरूषों ने जन्म लिया। उनके आचरण को अपनाने की जरूरत है। हम चाहते हैं कि देश महान बने। हमारे पूर्वजों ने इस देश के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान किया है। हमें इस बारे में सोचना होगा कि जो देश हमसे बाद में आजाद हुए वे कैसे आगे बढ़ गए हैं। सिंगापुर 1965 में आजाद हुआ, आज वह कहां है। चीन ने अपना जैसा दबदबा बनाया है उसकी तुलना नहीं।