खुली जगह पर नमाज के विवाद पर बोली भाजपा, मोदी सरकार सर्वधर्म समभाव के आधार पर काम करती है

By - May 07, 2018 01:46 PM
खुली जगह पर नमाज के विवाद पर बोली भाजपा, मोदी सरकार सर्वधर्म समभाव के आधार पर काम करती है

नई दिल्ली: खुली जगह पर नमाज अदा करने के विषय पर उठे विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी ने आज स्पष्ट किया कि मोदी सरकार सबका साथ, सबका विकास एवं सर्वधर्म समभाव की भावना के आधार पर काम करती है और ऐसी कोई बात नहीं की जानी चाहिए जिससे समाज में बिखराव और टकराव पैदा हो. भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता सैयद शाहनवाज हुसैन कहा, ‘‘ नमाज पढ़ने से कोई किसी को नहीं रोक रहा है और यदि किसी सार्वजनिक स्थान या सड़क पर कोई धार्मिक आयोजन होता है तो प्रशासन को इसकी सूचना दी जाती है. उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री के बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया है और उन्होंने बाद में इसे स्पष्ट भी कर दिया है. हुसैन ने कहा,‘‘ हमारी सरकार सभी को बराबर दृष्टि से देखती है,

अलग अलग चश्मे से नहीं देखती है. उन्होंने कहा कि अगर सार्वजनिक स्थल पर रामलीला या दशहरा का आयोजन किया जाता है, तब भी प्रशासन को सूचित किया जाता है. समाज में सौहार्द बनाये रखना सभी की जिम्मेदारी है और ऐसी कोई बात नहीं होनी चाहिए जिससे टकराव पैदा हो. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हमारी सरकार ने कहीं भी मस्जिद बनाने पर कोई पाबंदी नहीं लगाई और वह सर्वधर्म समभाव और सबका साथ, सबका विकास की भावना के आधार पर काम करती है. इस विषय पर भाजपा सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा है. अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि किसी को ऐसी बात नहीं करनी चाहिए जिससे समाज में बिखराव और टकराव पैदा होता हो. उन्होंने यह भी कहा कि अतिक्रमण करके किसी स्थान पर नमाज अदा नहीं की जा सकती और नमाज पढ़ने वालों को भी यह बात पता है. नकवी ने कहा, ‘‘ कोई ऐसी बात नहीं करनी चाहिए जिससे समाज में बिखराव और टकराव पैदा हो. समाज में एकता और सौहार्द हो यह हम सबकी साझा जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, ‘‘ जहां तक नमाज की बात है तो यह तो ईश्वर की उपासना है इसलिए नमाज को लेकर झगड़ा और फसाद करना कतई ठीक नहीं है. नकवी ने कहा, ‘‘किसी जगह पर अतिक्रमण करके नमाज नहीं हो सकती, यह बात सबको मालूम है. जो लोग नमाज पढ़ते हैं उन्हें भी मालूम है कि नमाज के लिए इस्लाम में क्या नियम हैं. उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को कहा था कि नमाज मस्जिद या ईदगाह में ही अदा की जानी चाहिए, न की सार्वजनिक स्थल पर . इस विषय पर विवाद बढ़ने पर खट्टर ने बाद में कहा कि यदि कोई नमाज पढ़ने में बाधा पहुंचाता है तो प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई करेगा.