चैत्र नवरात्रि के दौरान दुर्गा देवी के इन नामों का जाप करने से परेशानियां होंगी दूर

By - Mar 20, 2018 06:55 AM
चैत्र नवरात्रि के दौरान दुर्गा देवी के इन नामों का जाप करने से परेशानियां होंगी दूर

चैत्र नवरात्रि में भगवती दुर्गा के 32 नाम के मंत्रों का जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। चैत्र नवरात्रि में नौ दिनों तक महत्वपूर्ण रीति-रिवाजों के साथ देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। देवी के नौ स्वरूपों में क्रमशः शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कुष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री हैं। इस दौरान आदि शक्ति के नौ रूपों की पूजा की जाती है। प्रथम दिन से लेकर नवरात्रि के अंतिम दिन तक क्रमशः नौ देवियों का पूजन और कन्या पूजन के साथ चैत्र नवरात्रि का समापन होता है। चैत्र नवरात्रि के दौरान पूरे विधि-विधान से ही देवी के नौ रूपों की पूजा करना अनिवार्य माना गया है। साथ ही व्रत करने का भी विधान है। लेकिन मान्यता यह भी है कि नवरात्रि के नौ दिनों में आदिशक्ति के किसी भी रूप की यदि हृदय से पूजा-अर्चना की जाए तो भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है।
देवी दुर्गा के 32 नाम के मंत्र की महिमा 
दुर्गा सप्तशती के अनुसार हम आपको ऐसे 32 नामों के बारे में बता रहे हैं। चैत्र नवरात्रि के दौरान दुर्गा देवी के इन नामों का जाप करने से जीवन में आने वाली समस्त बाधाओं का नाश होता है। साथ ही जीवन खुशहाल रहता है। चैत्र नवरात्रि में देवी दुर्गा के 32 नाम के मंत्रों का जाप करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।
ये है देवी दुर्गा के 32 नामों का मंत्र 
दुर्गा दुर्गार्तिशमनी दुर्गापद्धतिनिवारिणी।
दुर्गमच्छे्दिनी दुर्गसाधिनी दुर्गनाशिनी
दुर्गतोद्वारिणी दुर्ग निहन्त्री दुर्गमापहण।
दुर्गम ज्ञानदा दुर्ग दैत्यलो कदवानला।
दुर्गमा दुर्गमालोका दुर्गमात्मस्वरूपिणी।
दुर्ग मार्गप्रदा दुर्गम विद्या दुर्गमाश्रिता।
दुर्गम ज्ञान संस्थाना दुर्गम ध्यान भासिनी।
दुर्गमोहण दुर्गमगा दुर्गमार्थस्वरूपिणी।
दुर्गमासुरस हंन्श्री दुर्गमायुधधारिणी।
दुर्गमाड़ी दुर्गमता दुर्गम्या दुर्गमेश्वरी।
दुर्गभीमा दुर्गभामा दुर्गभा दुर्गदारिणी।
नामावलिमिमां यस्तु दुर्गाया मम मानव:
पठेत् सर्वभयान्मुक्तो भविव्यतिन संशय:।

ऐसे करें मंत्र का जाप 
सुबह स्नान के बाद आसन लगाकर बैठ जाएं। फिर भगवती दुर्गा की मूर्ति अथवा तस्वीर के सामने घी का दीपक जलाएं। इसके बाद इस मंत्र की 5, 11 या 21 माला का जाप करें। मंत्र जाप के बाद मां भगवती से अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखने के लिए और अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए विनती करें।