विद्यादान एक आदर्श दान है-डीएम माला श्रीवास्तव

By Akhilesh Srivastava - Sep 20, 2018 05:13 PM
विद्यादान एक आदर्श दान है-डीएम माला श्रीवास्तव

विद्यादान एक आदर्श दान-डीएम माला श्रीवास्तब

जिलाधिकारी बहराइच माला श्रीवास्तव ने शिक्षा में की एक   अनुकरणीय पहल

जिलाधिकारी का बहराइच के बुद्धजीवियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, सामाजिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं से विद्यादान के लिए आहवान
निलय टाइम्स
अखिलेश श्रीवास्तव
बहराइच । जनपद के सरकारी स्कूलों मे पढ़ रहे बच्चों के अधिगम स्तर में गुणोत्तर वृद्धि व उनके सामाजिक और व्यवहारिक ज्ञान के दायरे को नए आयाम पर ले जाने के लिए जिलाधिकारी  माला श्रीवास्तव ने एक अनुकरणीय पहल की शुरुआत की है। इस पहल को उन्होने विद्यादान का नाम दिया है। विद्यादान के अंतर्गत जिलाधिकारी स्वयं, सप्ताह में एक दिन एक घंटा का समय सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के साथ पठन-पाठन में बितायेंगी। विद्यादान का प्रारम्भ जिलाधिकारी ने स्वयं प्राथमिक विद्यालय अकबरपुरा में आज एक घंटा बच्चों को पढ़ाकर किया। 
विद्यादान की शुरुआत का सबसे मजबूत पक्ष रहा की आज उन्होंने चुपचाप एक स्कूल का चयन करके वहाँ पढ़ाने चली गयीं और किसी को भी इसकी भनक नहीं लगने दी। बच्चों के बीच जिलाधिकारी किसी आम शिक्षक की तरह ही बैठीं और उनकी अभ्यास-पुस्तिका मांगकर उनसे विविध प्रकार के सवाल पूॅछे। साथ ही बच्चों के किताबी ज्ञान को व्यवहारिक ज्ञान से जोड़ते हुये उनसे बहुत सी बातें साझा कीं। जब-जब बच्चों ने कोई गलत जवाब दिया तो जिलाधिकारी ने बच्चों के बीच पीयर लर्निंग को प्रेरित करते हुये उन्हें सही दिशा में लेकर आयीं। औसत से कम छात्र की उपस्थिति का कारण पूछने पर बच्चों ने बताया की उनके साथियों का एक त्योहार है। जिलाधिकारी ने जब त्योहार का नाम पूछा और बच्चों ने मुहर्रम बताया तो उन्हें बहुत प्यार से समझाया कि ये त्योहार न होकर मातम होता है। साथ ही उन्हांेने बच्चों को आपस मे मिल-जुलकर रहने और एक दूसरे का ध्यान रखने को प्रेरित किया।
पूछे जाने पर उन्होंने बताया की शिक्षा समाज में बदलाव लाने का एक सशक्त माध्यम है और इस तथ्य को उन्हांेने अपनी जिंदगी में स्वयं महसूस भी किया है, जब जब उन्हें अवसर मिला है उन्होंने बच्चों के साथ संवाद स्थापित करने को हमेशा ही प्राथमिकता दी है। एक जिलाधिकारी के रूप में कार्य करते हुये एक एक मिनट बहुत कीमती होता है और समय की बाध्यता तो होती है लेकिन यह एक घंटा इन बच्चों की जिंदगी के न जाने कितने घंटे प्रभावित करने की क्षमता रखता है। विद्यादान के लिए जिलाधिकारी ने बताया कि कोई भी दान स्व-प्रेरित होता है, दान कभी दबाव में नहीं दिया जाता। अपनी खुशी के लिए, इस लोक और परलोक को अच्छा करने के लिए हम तरह तरह के दान-पुण्य करते हैं। विद्यादान भी उसी प्रकार से एक आदर्श दान है जो बच्चों के न केवल भविष्य को बल्कि आने वाली पीढ़ीयों को भी जीवन जीने की गुणवत्ता निर्धारित करता हैं। 
जिलाधिकारी ने बताया कि आज बहराइच की छवि एक ऐसे जनपद के रूप में है जहां हमारे विद्यालयों के बच्चे एक अच्छी गुणवत्तायुक्त शिक्षा के अवसर प्राप्त करने की चेष्टा कर रहे हैं। यद्यपि हमारा शिक्षा विभाग अपनी ओर से बच्चों को उन अवसरों को उपलब्ध करा पाने का पूरे प्रयास कर रहा है, लेकिन हम सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, अकादेमीसियन, अधिवक्ताआंे, चिकित्सकों, युवाओं, गैर सरकारी संगठनों तथा समस्त नागरिकगणों का थोड़ा सहयोग एक उत्प्रेरक का कार्य कर सकता है। यह हम सभी की समान जिम्मेदारी है कि हम अपने बहराइच के बच्चों को उनकी स्कूली शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ने में मदद करें। आपकी ओर से विद्यादान इन बच्चों को एक ऐसा अवसर उपलब्ध करा सकता है जिससे वे अपने अंदर आत्मविश्वास की एक मजबूत बुनियाद रख सकंे। मैं आप सभी से विद्यादान का आग्रह करती हूँ, आइये प्रति सप्ताह 1 घंटा किसी एक सरकारी विद्यालय में बच्चों के साथ सीखने सिखाने मंे व्यतीत करें और उन बच्चों के भविष्य निर्माण हेतु बुनियाद की एक ईंट रखें।