...तो इस लिए मायावती BJP-JDS को दे सकती हैं समर्थन

By - May 14, 2018 08:55 AM
 ...तो इस लिए मायावती BJP-JDS को दे सकती हैं समर्थन

कर्नाटक चुनाव में वोटिंग खत्म होने के बाद तमाम बड़े एग्जिट पोल्स मिली जुली सरकार बनने का दावा कर रहे हैं। फिलहाल कई एग्जिट पोल में कांग्रेस को बढ़त है तो किसी में बीजेपी को। अंतिम परिणाम अगर एग्जिट पोल्स के मुताबिक आए तो कहा जा सकता है कि जेडी(एस) किंग मेकर की भूमिका निभा सकती है। ऐसे में अटकलें लग रही हैं कि जेडी(एस) और बीएसपी कर्नाटक में बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बना सकती हैं। जिसकी वजह से उत्तर प्रदेश में एसपी-बीएसपी का गठबंधन ख़तरे में पड़ जाएगा। दरअसल एसपी और बीएसपी दोनों ही बीजेपी को अपना धुर-विरोधी मानती हैं। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी बेहद करीब से नजर बनाए हुए है। 
BJP-JDS गठबंधन के साथ नहीं जाएंगी मायावती 
समाजवादी पार्टी के सीनियर नेताओं का ऐसा मानना है की यूपी में पार्टी को बेचैन कर मायावती किसी भी कीमत पर बीजेपी-जेडी(एस) गठबंधन के साथ नहीं जाएंगी। उसकी वजह ये है कि बीएसपी का यूपी गढ़ रहा है और कर्नाटक में जेडी(एस) के साथ गठबंधन का उसे राज्य में कुछ भी राजनीतिक फायदा नहीं होने वाला है।
बीजेपी, कांग्रेस के साथ हाथ नहीं मिलाएगी JDS
उधर, जेडी(एस) ने अभी तक संशय बरकरार रखते हुए यह साफ करने की कोशिश की है कि वे कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियों बीजेपी और कांग्रेस से हाथ नहीं मिलाएगी। रिपोट्र्स की मानें तो कांग्रेस कर्नाटक में दलित सीएम बनाने के वायदे के साथ जेडीएस का समर्थन ले सकती है। निवर्तमान सीएम और कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने भी इसका संकेत दिया है। 
विश्लेषकों की मानें तो मायावती पर प्रदेश में शुगर मिल घोटाले को लेकर सीबीआई का शिकंजा कसा है। सीबीआई के फंदे से बचने के लिए मायावती बीजेपी-जेडीएस वाली सरकार को समर्थन दे सकती हैं। 2002 में भी मायावती मुख्यमंत्री बनी थीं और बीजेपी के विधायकों को उन्होंने कैबिनेट मंत्री बनाया था। एसपी एमएलसी उदयवीर सिंह ने कहा कि मायावती को कर्नाटक के बारे में फैसला लेना होगा। उन्‍होंने कहा कि फूलपुर और गोरखपुर में एसपी और बीएसपी के गठबंधन से जीत हासिल हुई थी। अभी तक प्रदेश में ऐसा कोई कारण नहीं है कि एसपी और बीएसपी 2019 में गठबंधन नहीं करेगी।