ईमानदार मुख्यमंत्री 'योगी' की छवि को धुलधुमिल कर रहा भ्रष्ट पंचायती राज विभाग(भाग 5)

By Akhilesh Srivastava - Jul 11, 2018 01:17 PM
ईमानदार मुख्यमंत्री 'योगी' की छवि को धुलधुमिल कर रहा भ्रष्ट पंचायती राज विभाग(भाग 5)

ईमानदार मुख्यमंत्री 'योगी' की छवि को धुलधुमिल कर रहा भ्रष्ट पंचायती राज विभाग(भाग 5)

निलय टाइम्स कार्यालय
अखिलेश श्रीवास्तव
लखनऊ।प्रदेश सरकार के कई विभागों पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे है ईमानदार मुख्यमंत्री योगी के लाख कोशिशों के बाद भी कुछ विभाग ऐसे है जो ईमानदार मुख्यमंत्री की छवि को धुलधुमिल करने में कोई कसर नही छोड़ रहे है। प्रदेश सरकार के पंचायती विभाग योगी व मोदी के सपनो को साकार करने में सबसे बड़ा बाधा पंचायती राज विभाग अपने भ्रष्ठ लूट खसोट के चलते बना हुआ है।पंचायती राज विभाग में व्याप्त भ्रषटाचार के चलते मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री तक को गलत रिपोर्ट देकर गुमराह करने में गुरेज नही कर रहा है।जो भी डाटा सूचना भेजा जा रहा है जमीनी हकीकत कही और है जो कभी भी आकर देखा जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना दो अक्टूबर दो हज़ार अठ्ठारह तक सभी के घरों में शौचालयों का निर्माण हो जाये और देश स्वच्छय भारत बने का सपना भ्रष्ठ पंचायती राज विभाग के आकंठ भ्रषटाचार के चलते पूरा नही हो पा रहा है।अभी हरदोई जिले में बिना शौचालय बनवाये ही एक सौ पचहत्तर की सूचना व फ़ोटो ग्राफ तक भेजेने की सच्चाई वहां के ग्राम प्रधान व विधायक ने जब खोली तो रातोरात गलत को सही किये जाने का प्रयास किया गया।वरसात के चलते विभागीय भ्रष्ट अधिकारियो ऊपर से अभयदान मिलने से मन मने ढंग से शासन को रिपोर्ट तक भेजेने मे अब अधिकारी नही डर रहे है।नतीजतन जो आंकड़े पेश किए जा रहे है या सूचनाएं भेजी जा रही है उनकी सच्चाई अलग ही है।
पंचायती राज विभाग का जिला पंचायत विभाग तो न सुधारने की ठान रख्खी है।यहाँ पर ट्रांफर उद्धयोग के जरिये जुगाड़ से आये अधिकारी कर्मचारी जिले के निर्माण विभाग में जम कर लूट खसोट कर रहे है।सरकारी धन का जम कर दोहन किया जा रहा है।पचास प्रतिशत का भारी भरकम कमीशन खोरी की जा रही है।नेता व अधिकारी बड़े बड़े भाषण तो जनता के बीच देते है लेकिन जिलो में उनके ही नाक के नीचे हो रहा भ्रषटाचार पर कोई बोलने के बजाये बचाव करते नज़र आते है।बहराइच जिले के जिला पंचायत में व्याप्त भ्रष्टाचार को कईवार विभानसभा स्टैंडिंग कमेटी में विधायक महसी सदस्य सुरेस्वर सिंह ने उठाया और प्रमुख सचिव पंचायती राज से पूछा लेकिन प्रमुख सचिव के द्वारा लीपा पोती कर उल्टा ही समझ बुझा कर मामला शांत करा दिया गया।पंचायती राज विभाग में यदि जुगाड़ हो सेटिंग हो तो उस अधिकारी कर्मचारी के लिये सारे नियम कानून को दरकिनार कर मलाईदार जगह पर जमकर लूटने के लिये पोस्ट कर दिया जाता है जिससे कमाऊ पूत जम कर लूट कर खाऊ कमाऊ ख़िलाऊ नीति से सबका विकाश सबका साथ निभा सके।
जिला पंचायत में पंचायती राज मंत्रालय की खाऊ कमाऊ नीति के चलते मुख्यमंत्री का आदेश भी कोई मायने नही रखता है।मुख्यमंत्री बनते ही योगी आदित्यनाथ ने सभी विभागीय अधिकारियो को अपने मूल विभाग में भेजने का आदेश दिया था लेकिन अपनी ऊची पहुंच व सेटिंग के चलते आज भी एक दशक से दूसरे विभाग के अधिकारी जिला पंचायत में मलाईदार पोस्टिंग लेकर जिला पंचायत का जम कर दोहन कर रहे है ऐसे भ्रष्ठ अधिकारियो को किसका संरक्षण है जो दूसरे विभाग से आकर हमेशा चार्ज पर रहकर मलाई काटते रहे और अभी भी जमे हुए है क्या पंचायती राज मंत्रालय ऐसे अभय प्राप्त अधिकरियो के आगे नतमस्तक है।आखिर मुख्यमंत्री के आदेश का पालन जिला पंचाय में क्यो लागू नही होता है।यदि यही हाल रहा तो प्रदेश सरकार का भ्रष्टाचार खत्म करने का दावा कभी साकार नही हो सकेगा।आज प्रदेश सरकार का पंचायती राज विभाग भ्र्ष्टाचार का पर्याय बन चुका है जिससे ईमानदार मुख्यमंत्री योगी की छवि व जिस दावे कर बनी सरकार दोनो का बट्टा लग रहा है।