लखनऊ वार्षिक जिला योजना के 50427लाख रूपये से होगा चौमुखी विकाश-राजेश अग्रवाल

By Ekta srivastava - May 17, 2018 12:42 PM
 लखनऊ वार्षिक जिला योजना के 50427लाख रूपये से होगा चौमुखी विकाश-राजेश अग्रवाल

वार्षिक जिला योजना 2018-19 हेतु कुल 50427लाख रूपये का परिव्यय प्रस्तावित 

निलय टाइम्स कार्यालय

एकता श्रीवास्तव

     लखनऊ। वित्त मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार की योजनाओं को संकल्प पत्र के आधार पर लागू किया जाए इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नही बरती जाये। उन्होने कहा कि अधिकारी अपने कार्य पद्धति में सुधार लायें विभागीय अधिकारी जनता के मध्य अपनी योजनाओं/कार्यो का प्रचार प्रसार तथा हेल्पलाइन का भी प्रचार प्रसार कराये । उन्होने कहा कि अधिकारी अपने कार्यो की जानकारी  जनप्रतिनिधियों को दें तथा सम्पर्क में रहें, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार होगा। उन्होने कहा कि विद्युत चोरी रोकने के लिए कटिया को नियमित कनेक्शन के रूप में परिवर्तित किया जाये जिससे विद्युत चोरी रूकने के साथ साथ  राजस्व् में बढोत्तरी होगी। गर्मी में पेयजल समस्या के दृष्टिगत  पुराने नलकूपों को रिबोर तथा हैण्डपम्पों की मरम्मत का कार्य तेजी से किया जाये। उन्होने कहा कि  पेयजल व्यवस्था  में एक सप्ताह में सुधार लाया जाय।

       मा0वित्त मंत्री/प्रभारी मंत्री जनपद लखनऊ श्री राजेश अग्रवाल की अध्यक्षता में आज कलेक्टेªेट स्थित डा0ए0पी0जे0अब्दुल कलाम सभागार में आयोजित बैठक में लखनऊ की वार्षिक जिला योजना 2018-19 प्रस्तावित कुल 50427लाख रूपये का परिव्यय निर्धारित किया गया है जबकि गत वर्ष की जिला योजना 38376 लाख रू0 की थी।      

    बैठक में जिलाधिकारी श्री कौशलराज शर्मा ने बताया कि  जिला योजना में 36890.13लाख  रूपये अर्थात 73.15 प्रतिशत पूंजीगत मद में परिसम्पत्तियों के सृजन हेतु तथा 13536.87लाख रूपये अर्थात 26.85 प्रतिशत राजस्व मद एवं अन्य आवश्यकताओं के वचनबद्ध व्यय की पूर्ति हेतु अनुमोदित किया गया है। कुल प्रस्तावित योजना में 9016.82लाख रूपये अर्थात 17.88 प्रतिशत धनराशि स्पेशल कम्पोनेन्ट मद की भी सम्मिलित है। 

    जिलाधिकारी श्री कौशलराज शर्मा ने बताया कि जिला योजना में  कुल पूंजीगंत परिव्यय 36890.13लाख, कुल राजस्व 13536.87लाख जिसमें केन्द्र पुरोनिधानित योजनाओं हेतु प्रस्तावित परिव्यय 21090.68लाख, कृषि क्षेत्र हेतु 4011.85लाख, वनीकरण हेतु 331.3लाख, रोजगार सृजन हेतु 3897.38, शिक्षा हेतु 10036.2लाख, परिवहन हेतु 7650.2लाख, सामाजिक सुरक्षा हेतु 19468.16लाख, स्वास्थ्य सेवाओं हेतु 3381.7लाख, पेयजल हेतु 1141.25लाख तथा अन्य योजनाओं हेतु 508.64लाख रूपये का परिव्यय जनपद के विकास हेतु रखा गया है जिससे जनपद का विकास विभिन्न विभागों द्वारा शासन के निर्देशानुसार कराया जायेगा।

     जिलाधिकारी ने बताया कि केन्द्र पुरोनिधानित योजनाओं हेतु अनुमोदित परिव्यय के अन्तर्गत नेशनल आयल सीड्स एवं आयल पाम मिशन हेतु 26लाख राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एन0आर0एल0एम0) हेतु 110लाख, प्रशासन एवं निदेशन हेतु 302.63लाख, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारण्टी कार्यक्रम (मनरेगा) हेतु 3474.75लाख, प्रधानमंत्री आवास योजना हेतु 2071.90लाख, मिड-डे-मील योजना हेतु 2263.10लाख, सर्व शिक्षा अभियान हेतु 5000लाख, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान हेतु 2200लाख, राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान(एन0एच0एम0) हेतु 1250लाख, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम हेतु 111.25लाख, स्वच्छ भारत अभियान हेतु 16336.56लाख, अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए पूर्व दशम छात्रवृत्ति (कक्षा1 से 10) हेतु 750लाख, अत्याचार से पीड़ित व्यक्तियों को आर्थिक सहायता हेतु 300लाख, बुक बैंक की स्थापना हेतु 10लाख, का परिव्यय अनुमोदित किया गया है।