महिला के साथ रिश्तेदारों ने किया गैंगरेप फिर जिंदा जलाया

By - Jul 16, 2018 07:31 AM
 महिला के साथ रिश्तेदारों ने किया गैंगरेप फिर जिंदा जलाया

संभल में शुक्रवार रात को 33 साल की महिला के साथ गैंगरेप करने के बाद उसे जिंदा जला दिया गया था। इस मामले में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। पुलिस छानबीन में पता चला है कि आरोपी उसके रिश्तेदार हैं। राजपुरा के एसएचओ वरुण कुमार ने कहा, 'जांच के दौरान यह पता चला कि पांच आरोपियों में से एक महावीर महिला के पति का दूर का रिश्तेदार है। वहीं बाकी के चार भी रिश्तेदार ही हैं। हम रिश्तेदारों के घरों में दबिश दे रहे हैं लेकिन आरोपियों का पकड़ा जाना अभी बाकी है।'
पीड़िता के पति द्वारा पांच आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाने के बाद पुलिस की तीन टीमों ने कई आरोपियों के स्थानों पर दबिश दी, लेकिन कोई आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा पाया है। सभी आरोपी घर छोड़कर भाग चुके हैं। उनके घर पर ताले लटक रहे हैं। एक आरोपी का परिवार भी फरार है। जबकि चार आरोपियों के घरों में महिलाएं और बच्चे मौजूद हैं। वहीं, पुलिस ने पूछताछ के लिए एक आरोपी के परिजन को उठाया है। उधर, घटना पर ग्रामीण शर्मसार हैं। बता दें कि रजपुरा थाना क्षेत्र के एक गांव में शस्त्रों का भय दिखाकर पांच लोगों ने शुक्रवार की रात को एक विवाहिता से सामूहिक दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के बाद महिला को झोपड़ी नुमा कमरे में बंद कर दिया। डीजल और केरोसिन छिड़ककर छप्पर में आग लगा दी। इससे महिला की जलकर मौत हो गई। घटना से पूरा क्षेत्र सन्न है, जो लोग नामजद किए गए हैं उनके खिलाफ ग्रामीण में भी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आरोपियों को फांसी दिए जाने की मांग की है। वहीं, आक्रोश के चलते पुलिस और प्रशासन सतर्क हो गया है। गांव में एक सीओ के साथ भारी पुलिस बल को तैनात किया गया है। इस घटना के संबंध में गांव के ही पांच लोगों के खिलाफ मृतका के पति ने रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस अधीक्षक आरएम भारद्वाज ने बताया कि पति की तहरीर पर महावीर, चरन सिंह, आराम सिंह, गुल्लू, भोना उर्फ कुंवरपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हो गई। आरोपी घर छोड़कर भागे हुए हैं। गांव में एहतियातन सतर्कता बरती जा रही है। आरोपियों के खिलाफ पुलिस कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगी। वहीं पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक (बरेली) प्रेम प्रकाश ने रविवार को घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा, 'हमने पीड़िता की कॉल डिटेल्स की जांच की है और लखनऊ के डायल 100 के कंट्रोल रूम की भी। डायल 100 पर कोई कॉल नहीं की गई थी। उसने कोशिश की होगी लेकिन नेटवर्क बिजी रहने की वजह से उसकी कॉल नहीं लगी। इसके अलावा हम फोरेंसिक जांच करेंगे ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे जिंदा जलाने से पहले गैंगरेप हुआ था या नहीं।'
फिलहाल महिला और ममेरे भाई के बीच हुई बातचीत का ऑडियो कार्रवाई के लिए बड़ा साक्ष्य है। पुलिस अधीक्षक आरएम भारद्वाज ने बताया कि बीट सिपाही हेमपाल और बसंत के साथ-साथ टीसीएल चौकी के इंचार्ज वीरेंद्र सिंह को लाइन हाजिर किया गया है। गांव पहुंची अमर उजाला की टीम को बताया गया कि आरोपी दबंग छह महीने से भी अधिक समय से महिला का जीना मुश्किल किए हुए थे। छह महीने पहले महिला को चांटा मारा गया था। बाद में पंचायत ने मामला रफा-दफा कर दिया। महिला का आत्मनिर्भर होना भी दबंगों को रास नहीं आ रहा था। बताया गया है कि पांचों आरोपी महिला को उसकी आठ साल की बच्ची के सामने घर से घसीटते हुए ले गए थे। मासूम बच्ची पूरे घटनाक्रम की चश्मदीद है। पुलिस इसकी गवाही और भाई को किए गए फोन की रिकार्डिंग के सहारे ही अपराधियों पर शिकंजा कस रही है। वहीं मृतका के पति को भी जान का खतरा सता रहा है।