बढ़ी रौनक ‘मुन्ना भाई’के ननिहाल में ,अरसे बाद दिखा अस्पताल में चिकित्सक

By - Jun 13, 2018 12:14 PM
बढ़ी रौनक ‘मुन्ना भाई’के ननिहाल में ,अरसे बाद दिखा अस्पताल में चिकित्सक

बालीवुड के‘मुन्ना भाई’संजय दत्त के अपने ननिहाल के गांव चिलबिला को गोद लेने की इच्छा जताने के बाद हलचल बढ़ गई है, कल तक बदहाली के शिकार स्वास्थ्य केन्द्र बुधवार को न सिर्फ चकाचक दिखा बल्कि चिकित्सकों ने बाकायदा मरीजों को देखा। संजय के पिता सुनील दत्त के प्रयास से वर्ष 1998 में चिलबिला में गांव में नवीन स्वास्थ्य केंद्र बनना शुरू हुआ, जो 2004 में पूरा हुआ। 
इसमें लम्बे समय तक न कोई डॉक्टर आया और न मरीजों को इसका लाभ मिला लेकिन पिछले शनीवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर चिलबिला को गोद लेने की इच्छा जताई तो गांव के लोग निहाल हो गए, वहीं लम्बे समय से बदहाली का शिकार सवास्थ्य केन्द्र में हलचल बढ़ गई थी।  
बालीवुड स्टार के पूर्व प्रधान फुफेरे भाई इसरार उर्फ गुड्डू ने बताया कि संजय के गांव को गोद लेने की इच्छा जताने का इतना बड़ा असर हुआ है कि पिछले दो दिनों से अस्पताल में फार्मासिस्ट, लैब सहायक और वार्ड ब्वाय की उपस्थिति नजर आने लगी और मरीजों को देख कर उन्हें दवाईयां भी दी। उन्होंने बताया कि इस बढ़ी हलचल से गांव के लोगों में एक बार फिर से आस की किरण जगी है। उनका कहना है कि गोद लेने की इच्छा जताने मात्र से जब इतनी हलचल बढ सकती है तो गोद लेने के बाद तो यहां निश्चित तौर पर विकास होंगे और सुविधायें भी उपलब्ध होंगी।  
रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) के अधीक्षक शैलेश दुबे ने बताया कि सीएचसी के डाक्टर अवनीश चिलबिला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएससी) में आज मरीजों को देखकर उन्हें दवाइयां दिलवाई। इसके अलावा अब वहां चिकित्सक और कर्मचारी नियमित बैठें इसके लिए वहां बायोमैट्रिक अटेंडेंस मशीन लगवा दी गई है जिससे लोग आठ से दो बजे तक ईमानादारी से ड़्यूटी दे सके। अस्पताल में चिकित्सा से संबंधित अन्य सुविधाओं के लिए इलाहाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बातचीत हुई है।  
दुबे ने बताया कि यहां पर अभी तक कोई एमबीबीएस चिकित्सक की नियुक्ति नहीं है। इलाहाबाद के मुख्य चिकित्साधारी के आदेश पर जब तक किसी चिकित्सक की नियुक्ति चिलबिला में नहीं होती, वहां के लिए डॉ अवनीश को तैनात किया गया है। उन्होंने बताया कि यहां केवल ओपीडी ही होता है मरीजों के भर्ती की कोई व्यवस्था नहीं है।  गुड्डे ने बताया कि अब तो उनके साथ गांव वालों को उस दिन का इंतजार है जब संजय चिलबिला को गोद लेने की औपचारिक घोषणा कर देंगे। उन्हें विश्वास है उनके घोषणा के साथ यहां पर सभी प्रकार की सुविधाएं मुहैया होने लगेंगी और चतुष्कोणीय विकास भी संभव हो सकेगा।  
उन्होंने बताया कि जल्द गांव गोद लेने के लिए मस्जिद के इमाम हाफिज की अगुवाई में करीब 150 साल पुरानी मदारी शाह बाबा की मजार पर मंगलवार गांव वालो ने चादर चढ़ाई। उनका कहना है कि संजय दत्त जब जेल में थे तब भी यहां के लोगों ने बाबा की मजार पर चादर चढाकर उनकी रिहाई के लिए मन्नत मांगी थी,जिसके बाद ही उन्हें जेल से रिहाई मिली। गांव वालों को बाबा पर अटूट श्रद्धा और विश्वास है।