स्वयं सहायता समूहों से PM मोदी ने किया संवाद

By - Jul 12, 2018 05:42 AM
  स्वयं सहायता समूहों से PM मोदी ने किया संवाद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (डीएवाई-एनआरएलएम), डीडीयू-जीकेवाई तथा आरएसईटीआई के तहत कार्य कर रही स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के साथ 'नरेंद्र मोदी ऐप' के जरिए संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मेरा सौभाग्य है कि आज देशभर की 1 करोड़ से ज्यादा महिलाओं से संवाद करने का अवसर मिला है। आप सब अपने आप में संकल्प, उद्यमशीलता और सामूहिक प्रयासों का एक प्रेरणादायी उदाहरण हैं। 
पीएम ने कहा कि आप सब अपने आप में संकल्प, उद्यमशीलता और सामूहिक प्रयासों का एक प्रेरणादायी उदाहरण हैं। महिला सशक्‍तीकरण की जब हम बात करते हैं तो सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता होती है, महिलाओं को स्वयं की शक्तियों को, अपनी योग्यता को, अपने हुनर को पहचानने का अवसर उपलब्ध कराना। आज हर सेक्टर में महिलाएं बड़ी संख्या में काम करती हुए दिखती हैं। उन्होंने कहा कि देश के एग्रिकल्चर सेक्टर, डेयरी सेक्टर की तो महिलाओं के योगदान के बिना कल्पना ही नहीं की जा सकती।
मोदी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुझे ई-रिक्शा पर सवारी करने का मौका मिला और आज वो ई-रिक्शा महिलाएं चला रही हैं। दुर्गम इलाकों में इससे आवाजाही करना आसान हुआ और महिलाओं की आय भी बढ़ी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के 22 जिलों में 122 'बिहान बाजार' आउटलेट स्थापित किए गए हैं। स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों की 200 से अधिक किस्मों को इन दुकानों में बेचा जा रहा है। 
वीडियों कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुए इस संवाद का दूरदर्शन से सुबह साढे नौ बजे से सीधा प्रसारण किया गया एवं एनआईसी ने अपने नेटवर्क के माध्यम से इसे वेबकास्ट किया। इस संवाद में बिहार के शराब विरोधी आंदोलन, मक्का मूल्य श्रृंखला एवं विपणन, छत्तीसगढ़ की ईट निर्माण इकाई, झारखण्ड के बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट, सखी एवं इमली मूल्य श्रृंखला, मध्य प्रदेश के सेनेटरी नैपकिन के विनिर्माण एवं विपणन, महाराष्ट्र के पशु सखी, जम्मू कश्मीर के डेयरी फॉर्म तथा गुजरात के नीम बीजों का संग्रह एवं विपणन पर काम करने वाले स्वयं सहायता समूह शामिल हैं।