शिवानंद का बयान- इस नेता की नजरों में तेजस्वी अबोध और अज्ञानी है, फिर यात्रा पर हाय-तौबा क्यों

By - Feb 28, 2018 12:56 PM
शिवानंद का बयान- इस नेता की नजरों में तेजस्वी अबोध और अज्ञानी है, फिर यात्रा पर हाय-तौबा क्यों

पटना। राजद के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने तेजस्वी की न्याय यात्रा को लेकर विरोधियों पर निशाना साधा है. उन्होंने तेजस्वी को लेकर बड़ा बयान देते हुए यह कहा है कि विरोधियों को मालूम है कि लालू यादव आज भी उन पर भारी हैं. उन्होंने वर्तमान सरकार पर हमला बोलते हुए मीडिया पर डाले जाने वाले दबाव का भी जिक्र किया है. शिवानंद ने कहा कि आखिर तेजस्वी की यात्रा पर इतनी हाय-तोबा क्यों ? नीतीश कुमार की नजरों में तेजस्वी अबोध और अज्ञानी हैं. उन्होंने आगे कहा कि तेजस्वी यादव जब सत्ता पक्ष के नेताओं की नजरों में अज्ञानी इतने कि जिन शब्दों को वे ट्वीट करते हैं उसका अर्थ भी नहीं  समझते हैं. सुशील मोदी का मानना है कि भ्रष्टाचार के आरोप में जेल गये लालू को जनता खारिज कर चुकी है. अगर सचमुच ऐसा है तो तेजस्वी की यात्रा पर इतना हो-हल्ला क्यों मचाया जा रहा है! उन्होंने कहा कि दरअसल तेजस्वी की यात्रा पर शोर घबराये और डरे हुए लोगों का शोर है. नीतीश कुमार और सुशील मोदी राजनीति के नौसिखुआ नहीं हैं. दोनों लालू यादव की ताकत को जानते हैं. उनको यह भी पता है कि लालू जी के जन-आधार ने तेजस्वी को भविष्य के नेता के रूप में कुबूल कर लिया है. सुशील थोड़ा कम जेल में बंद लालू, बाहर वाले लालू से ज्यादा भारी है. अगड़ों के खेल को पिछड़े और दलित सदियों से देख रहे हैं. शिवानंद तिवारी ने कहा कि चोरी सब कर रहे हैं लेकिन धराते हैं पिछड़े और दलित ही. जेलों की आबादी को ही देख लीजिए. यही लोग भरे पड़े हैं. आज इन पिछड़ों और दलितों की तरफदारी करने वाली प्रतिपक्ष की आवाज को दबाने के लिए  मीडिया पर सरकार का भारी दबाव है. इसलिए प्रतिपक्ष को जो स्थान मिलना चाहिए वह नहीं मिल रहा है. उन्होंने राजद सुप्रीमो लालू यादव के जमाने का जिक्र किया और विस्तार से सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि लालू ने अपने शासनकाल  में मीडिया पर इस तरह का दबाव कभी नहीं बनाया था. लालू सरकार ने कभी किसी अखबार का विज्ञापन  बंद नहीं किया था. आज के हुक्मरान मीडिया के मुंह पर जाब लगाकर बदलाव के रथ को रोकना चाहते हैं जो संभव नहीं है. शिवानंद तिवारी के इस बयान के बाद यह कयास लगाया जा रहा है कि बिहार में एक बार फिर बयानबाजी की राजनीति शुरू हो सकती है. उन्होंने तेजस्वी यादव की यात्रा को लेकर बिहार में जदयू नेताओं के बयान और इस मसले पर मची हाय-तौबा पर विरोधियों को निशाने पर लिया है.