आंखों की सूजन का कारण जानकर ऐसे करें इलाज

By - Jun 08, 2018 10:03 AM
आंखों की सूजन का कारण जानकर ऐसे करें इलाज

कहा जाता है कि आंखे सब कुछ कह देती हैं। आपकी आंखें ही बता सकती है कि आप काम अधिक करते हैं या पार्टियों का आनंद लेना पसंद करते हैं। उम्र बढ़ने के परिणामस्वरूप आपकी सूजी हुआ आंखों क चलते ऐप अपनी उम्र से बड़े नजर आने लगते हैं। इसके साथ ही ये कई शारीरिक समस्याओं का संकेत भी हो सकती हैं। आइए जानें ऐसी ही कुछ समस्याओं तथा उनके इलाज के बारे में। 
एलर्जी
एलर्जिक कंजक्टीवाइटिस ऐसी स्थिति है पराग कणों, प्रदूषण, आंखों के मेकअप से रिएक्शन के कारण कंजक्टिवा में सूजन हो जाती हैं। कंजक्टिवा टिश्यू की एक साफ परत है जो पलक में होती हैं और आंख के सफेद भाग को कवर करती हैं। एलर्जी करने वाले तत्व या तो सीधे आंख में जा सकते हैं या नाम के माध्यम से। जब अत्यधिक पराग कणों से हमारा सामना होता हैं तो हमारे द्वारा हिस्टामाइन नामक तत्व छोड़ा जाता हैं। इससे कंजिक्टवा की रक्त वाहिनियां सूज जाती हैं जिस कारण खुजली, लालिमा तथा आंखों से पानी आना शुरू हो जाता हैं। आपकी त्वचा क्रीम और हेयर ऑयल की गंध भी आंखों की खुजली का कारण बन सकती हैं। हेयर ऑयल के लगातार इस्तेमाल से आंखों के आसपास ओडेमा (त्वचा में फुलाव) हो सकता हैं। हेयर कलर से भी आंखों के आसपास एकदम सूजन, लालिमा तथा खुजली हो सकती हैं। कई बार होयर कलर के कारण देरी से रिएक्शन भी हो सकता है जो 24 घंटे के बाद उभर कर आता है। 
उपचार- दीर्घकालिक लाभ के लिए आंखों की कसरत और योग बहुत जरूरी हैं। ऐसी सूजन को कम करने के लिए बाजार में मिलने वाली आई ड्रॉप्स का इस्तेमाल करें। साइनस के दबाव से बचने के लिए नेजल स्प्रे से सहायता मिलती हैं। खीरे तथा गाजर के पैक भी इस सूजन को कम करने में सहायक हैं। 
हार्मोन्स में परिवर्तन
घटता-बढ़ता हार्मोन्स का स्तर भी आंखों के नीचे तरल के जमाव का कारण हो सकता है। रजोनिवृति का सर्वाधिक आम लक्षण है आंखों के नीचे सूजन। यहां तक कि रजोनिवृति से पहले भी आंखों के नीचे सूजन हो सकती हैं। उपचार-सोडियम, नमक तथा अल्कोहल का सेवन कम कर दें। समुर्दी नमक का सेवन करें। पैक्ड-कैन्ड या प्रोसैस्ड फूड के सेवन से बचें। विटामिन सी, ए तथा ओमेगा 3 फैटी एसिड्स से भरपूर खाद्यों का सेवन करें। 
ग्रेव्स आई डिजीज
ग्रेव्स आई डिजीज या थायरॉइड आई डिजीज से आंखों में बेआरामी तथा नजर में परिवर्तन हो सकता हैं। आंखों की सूजन के कारण मरीज को फोटोफोबिया( रोशनी में लाने पर आंखों में दर्द) भी हो सकता है। पुतलियों के उभार के कारण नजर में परिवर्तन (जैसे दो-दो दिखाई देना) हो सकता है। 
उपचार-यदि समय पर इलजा न किया जाए तो स्थिति खतरनाक हो सकती है। दृष्टिहीनता या गंभीर दर्द हो सकता हैं। सूजन की शुरूआत में ही यदि डॉक्टर की सलाह ले ली जाए तो अच्छा रहता है। गुर्दों से संबंधित समस्या होने पर तरल तथा नमक के सेवन से बचना चाहिए और पर्याप्त आराम करना चाहिए। 
डर्मेटोकैलेसिस
यह वृद्ध लोगों में बहुत आम होती हैं। उम्र के बढ़ने के साथ त्वचा की लचक खत्म हो सकती है और पतली हो जाती है। इस फैट के बढ़ने से आंखों की सूजन पैदा होती हैं। उपचार ट्रांसपेरेंट आईलिड टेप्स का इस्तेमाल किया जा सकता हैं परन्तु सर्वाधिक प्रभावी ट्रीटमेंट हैं सर्जिकल। ट्रीटमेंट इस समस्या के छिपे कारणों पर निर्भर करता हैं। ब्लेफैरोप्लास्टी एक कॉस्मेटिक सर्जिकल प्रक्रिया है जिसमें अतिरिक्त फैट हटा दी जाती हैं।