इस इमारत को कहा जाता है मेवाड़ का ताजमहल

By - Jul 28, 2018 05:30 AM
इस इमारत को कहा जाता है मेवाड़ का ताजमहल

ऐसी बहुत-सी इमारतें हैं, जिनमें आज भी इतिहास की झलक देखने को मिलती है। राजस्थान में ऐसे बहुत से ऐतिहासिक महल और इमारतें हैं, जिन्हें देखने के लिए लोग दूर-दूर से यहां आते हैं। इन्हीं में से एक है, जसवंत थड़ा। जो राजस्थान के जोधपुर में स्थित है। इस इमारत को मेवाड का ताजमहल कहा जाता है। जिसकी लाजबाव खूबसूरती यहां आने वाले पर्यटकों का मन मोह लेती है। 
क्यों कहा जाता है मेवाड का ताजमहल? 
जसवंत थड़ा को मेवाड़ का ताजमहल इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसे संगमरमर के साथ बनाया गया है। वैसे इसकी बनावट ताजमहल के साथ नहीं मिलती लेकिन इमारत के ऊपर कई गुबंद देखने को मिलते हैं। सफेद मार्बल से साथ इस इसमें लाल रंग का भी मेल दिखाई देता है। जसवंत थड़ा का नाम महाराजा जशंवत सिंह द्वितीय के नाम से रखा गया था। जिसका निर्माण उनके पुत्र महाराजा सदर सिंह द्वारा 1899 में करवाया गया था। आज भी इस महल में पर्यटक भूतकालीन राजाओं की तस्वीरें देख सकते हैं। इसकी एक और खूबी यह है कि जसवंत थड़ा के पास बने जलाशय जिसे कभी शाही रिति-रिवाज के लिए इस्तेमाल किया जाता था, उसमें अब खूबसूरत जलीय जीवों को देखा जा सकता है। 
इमारत की खासीयत
संगमरमर से बने इस महल को राजस्थानी शैली के साथ तैयार किया गया है। कहीं-कहीं इसमें मुगल वास्तुकला की झलक भी देखने को मिलती है। महल की खूबसूरत नक्काशी और कलाकृतियां पर्यटकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती हैं।