दूर-दूर से टूरिस्ट आते हैं देखने चीन का सबसे बड़ा आइस फेस्टीवल

By - May 21, 2018 11:25 AM
 दूर-दूर से टूरिस्ट आते हैं देखने चीन का सबसे बड़ा आइस फेस्टीवल

चीन तो टेक्नोलॉजी, प्रोडक्श और इंवेंशन के मामले में सबसे आगे माना जाता है। मगर इसके अलावा चीन ट्रैवलिंग के मामले में काफी आगे हैं। अपनी खूबसूरती के लिए चीन पूरे विश्व में मशहूर है लेकिन चीन का हार्बिन शहर भी प्राकृतिक सुदंरता के मामले में कुछ कम नहीं है। सर्दियों में हार्बिन में पड़ने वाली बर्फ के बाद, यहां दुनिया का सबसे बड़े आइस फेस्टीवल का आयोजन किया जाता है। इस आइस फेस्टीवल को देखने और इसका आनंद लेने के लिए दुनिया के कोने-कोने से टूरिस्ट पहुंचते हैं।
चीन के उत्तरी पूर्वी हिस्से में स्थित हार्बिन हेइलोंगजियांग प्रांत की राजधानी और पूर्वोत्तर क्षेत्र का सबसे बड़ा शहर है। यहां नवंबर से जनवरी के बीच बर्फ पड़ने के साथ ही आइस फेस्टिवल की शुरुआत हो जाती है। इसके बाद यह फेस्टीवल जनवरी से मार्च-अप्रैल तक चलता है। हार्बिन के इस बर्फ वाले त्यौहार को दुनिया के सबसे बड़े विंटर फेस्टिवल में शुमार किया जाता है।
इस दौरान इस शहर का तापमान -17 डिग्री तक होता है। इसके बावजूद भी इस फेस्टीवल को देखने के लिए 10-15 अरब टूरिस्ट यहां आते हैं। इस साल इस फेस्टिवल में बर्फ से बनाया गया फ्लैमेन्को आइस टॉवर को विश्व का सबसे ऊंचा बर्फ का टॉवर माना गया था। इस टॉवर की ऊंचाई 31 मीटर थी। इससे पहले सबसे ऊंचे टॉवर की लंबाई 21 मीटर थी।
इतना ही नहीं, इस दौरान पूरे शहर को बर्फ से सजाया जाता है और तरह-तरह की आकृतियां बनाई जाती हैं। इस फेस्टीवल में तैराकी, बर्फ बोटिंग के साथ-साथ सामूहिक विवाह समारोह भी होते हैं।
इस फेस्टीवल के दौरान पूरे शहर में बर्फ के बड़े-बड़े ढांचे बनाए जाते है, जो बेहद खूबसूरत होते है। इन मूर्तियों को बनाने का काम दिसंबर में ही शुरू हो जाता है और इन्हें करीब दो-तीन मंजिला ऊंचा बनाया जाता है। बर्फ से बनी यह मूर्तियां रात के रंग-बिरंगी लाइटों से रोशन हो जाती है।
इस फेस्टीवल के दौरान होने वाले लैनटर्न शो और गार्ड पार्टी विश्व भर में प्रसिद्ध है। इतनी ठंड के बावजूद भी इस फेस्टिवल में हिस्सा लेने के लिए भारी संख्या में टूरिस्ट आते हैं।
इस फेस्टीवल का मुख्य आकर्षण हार्बिन आइस एंड हिम वर्ल्ड है, जो 750,000 वर्ग मीटर से अधिक तक फैला हुआ है। इस फेस्टीवल में बर्फ की मूर्तियों को बनाने के लिए 10000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। इन मूर्तियों को बनाने के लिए करीब 180,000 घन मीटर बर्फ का इस्तेमाल होता है।