बिना दवा के करें कमर दर्द और हाई ब्लड प्रेशर का इलाज

By - Jun 29, 2018 12:30 PM
बिना दवा के करें कमर दर्द और हाई ब्लड प्रेशर का इलाज

आज के समय में भागदौड़ भरी कामकाज की जिंदगी में कमर दर्द, ब्लड प्रेशर लो या हाई होना आम बात है। सभी इन समस्याओं के होने पर दवाईयों की तरफ भागते हैं। लेकिन आज हम आपको बिना दवाइयों के इन समस्याओं से छुटकारा पाने का इलाज बताएंगे, इससे विदेशों में कई बड़े-बड़े रोगो को आसानी से ठीक किया जा रहा है। इस चिकित्सा पद्धति का नाम है चुंबकीय पद्धति यानि मैग्नेटिक थैरेपी। आइए जानिए इन हेल्थ प्रॉब्लम्स में चुंबक कैसे करता है काम और किस तरह करें मैग्नेटिक थैरेपी।
चुंबक कैसे करता है काम
चुंबक में एक तरह की शक्ति होती है, जिसे चुंबकीय शक्ति कहते हैं। मानव शरीर के खून में आयरन यानि लोहा पाया जाता है, जो चुंबक द्वारा आकर्षित होता है। इस कारण चुंबक के द्वारा रोगों का इलाज करना संभव है। इस चिकित्सा के आधार पर खड़े होने पर शरीर का सिर का हिस्सा उत्तरी ध्रुव और पैर का हिस्सा दक्षिणी ध्रुव होगा। इसी तरह ही लेटने पर शरीर का दाहिना हिस्सा उत्तरी ध्रुव और बायां हिस्सा दक्षिणी ध्रुव होगा जबकि बैठने पर आगे का हिस्सा उत्तरी ध्रुव और पीछे का हिस्सा दक्षिणी ध्रुव होगा। इसी के आधार पर मैग्नेटिक थैरेपी के द्वारा कई बड़े रोगों का इलाज किया जाता है।
1. कमर दर्द का इलाज
कमर के ऊपरी हिस्से में दर्द होने पर इस थैरेपी से इलाज करने के लिए चुंबक का उत्तरी ध्रुव लगाएं और निचले हिस्से में दर्द होने पर चुंबक का दक्षिणी ध्रुव लगाएं। अगर कभी कमर के दाहिने तरफ दर्द हो तो उत्तरी ध्रुव लगाएं और बाईं तरफ के दर्द हो तो दक्षिणी ध्रुव लगाएं।
2. हाई ब्लड प्रेशर का इलाज
मैग्नेटिक थैरेपी के द्वारा हाई ब्लड प्रेशर का इलाज करने के लिए हाई पावर वाले चुंबक को 5-6 मिनट तक अपनी हथेलियों पर रखें। अगर आपके हाई पावर का चुंबक न होने पर आप मीडियम पावर के चुंबक को 10 मिनट तक दोनों हाथों पर रख सकते हैं। अगर आपका ब्लड प्रेशर ज्यादा हाई रहता है तो आप चुंबक का बाजूबंद बना कर भी पहन सकते हैं। इसके लिए उत्तरी ध्रुव का प्रयोग करें क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है। 
3. लो ब्लड प्रेशर का इलाज
मैग्नेटिक थैरेपी से लो ब्लड प्रेशर का इलाज के लिए दोनों हथेलियों पर उनकी दिशा के अनुसार चुंबक को 15 से 20 मिनट तक हाई पावर के चुंबकों को रखें या फिर बाजूबंद बनाकर 1 घंटे तक बांधें। लो ब्लड प्रेशर के लिए दक्षिणी ध्रुव का प्रयोग ज्यादा ठीक रहता है क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है। 
मैग्नेटिक थैरेपी करते वक्त इन बातों का रखें ख्याल
1. इस थैरेपी को करते हुए शरीर के अंगों के हिसाब से चुंबक का ध्रुव रखें। बताएं हुए तरीके से ही चुंबक को हथेलियों पर रखें।
2. इस थैरेपी को करते हुए लकड़ी की कुर्सी या तख्त का इस्तेमाल करने से ज्यादा फायदा मिलता है।
3. मैग्नेटिक थैरेपी सुबह खाली पेट का समय बेहतर होता है और इसे करने के बाद आधे घंटे तक  ठंडी चीजें जैसे आइसक्रीम, फ्रिज के पानी का आदि का सेवन न करें।
4. कभी भी खाना खाने के तुरंत बाद थैरेपी न करें। 
5. थैरेपी करते समय अगर किसी तरह की परेशानी हो तो इसे तुरंत बंद कर दें।