गर्मियों में रोजाना पिएं पुदीने का पानी, दूर रहेंगी ये बीमारियां

By - May 09, 2018 06:16 AM
गर्मियों में रोजाना पिएं पुदीने का पानी, दूर रहेंगी ये बीमारियां

गर्मियों में बढ़ता हुआ तापमान कई बीमारियों को अपने साथ लेकर आता है. ऐसे में लू लगना, डिहाईड्रेशन, सिरदर्द जैसी समस्याएं आम हैं. इन समस्याओं से बचने के लिए सलाह दी जाती है कि ज़्यादा से ज़्यादा पेय पदार्थों का सेवन करना चाहिए. उनमें भी ऐसे पेय पदार्थों को अपनी दिनचर्या में जगह जरूर देनी चाहिए जो हमें इन सभी बीमारियों से दूर रखने में मदद करें. सिर्फ पानी पीना गर्मियों में काफी नहीं होता है. आज हम आपको बता रहे हैं कि कैसे पुदीने का पानी आपको गर्मियों में न सिर्फ राहत देता है बल्कि इन बीमारियों को भी आपसे दूर रखता है. 
गर्मियों में ठंडक देता है 
तपती गर्मी में ठंडक के लिए पुदीने का पानी आपको राहत देता है और बाहर के तापमान से बचाता है. यही नहीं इसको पीने से आपको दिन भर की थकान से भी मुक्ति मिलती है. 
अपच की समस्या होती है दूर
गर्मियों में अपच की समस्या का होना आम बात है. ऐसे में पुदीने के पानी से इस समस्या में राहत मिलती है. क्योंकि इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट होता है, जो कि पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है. 
सिरदर्द हो जाएगा दूर
तापमान बढ़ने की वजह से सबसे ज़्यादा जो समस्या होती है वो है सिरदर्द की. पुदीना शरीर के तापमान को कम करके सिरदर्द की समस्या को दूर करता है. पुदीने में मौजूद सूदींग प्रॉपर्टीज सिरदर्द को खत्म करने में मदद करती है. 
एलर्जी और अस्मथा में भी मिलती है राहत
पुदीना स्वांस नली से बलगम को बाहर निकालने में मदद करता है जिस वजह से अस्थमा की समस्या दूर होती है. इसका एंटी-इंफ्लेमेट्री और एंटी माइक्रोबियल गुण शरीर पर होने वाली एलर्जी को कम करने में भी मदद करता है. 
इम्यून सिस्टम रहेगा दुरुस्त
अगर आप रोजाना पुदीने का पानी पीते हैं तो आपका इम्यून सिस्टम भी मज़बूत रहेगा. माना जाता है कि पुदीने का पानी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने में मदद करता है. ऐसे में गर्मियों में इसका सेवन लाभकारी माना जाता है .
सांसों के बैक्टीरिया को करता है खत्म
पुदीना एक आर्युवेदिक औषधि है. इसका इस्तेमाल कई तरह के माउथ फ्रैशनर और च्यूइंगम में किया जाता है जो कि सांसों में ताजगी भरने का काम करता है. अगर आप पुदीने के पानी का सेवन करते हैं सांसों में मौजूद बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं और उनके संक्रमण का खतरा नहीं होता.